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Gold Silver Price: दिवाली तक ₹1.80 लाख पार जाएगा सोना? 2 अक्टूबर के बाजार से सामने आया बड़ा संकेत
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के कारण भारत के घरेलू कमोडिटी बाजार में कारोबार बंद है और IBJA की ओर से भी आज सोने-चांदी के नए रेट जारी नहीं किए जाएंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में हलचल जारी है। ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि दिवाली तक सोने और चांदी की कीमतों में कितना बदलाव हो सकता है।
आज घरेलू बाजार में क्यों नहीं बदले Gold Silver Price
गांधी जयंती के अवसर पर घरेलू कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग नहीं हो रही है। इसी वजह से आज भारत में सोने और चांदी के आधिकारिक घरेलू भाव में सामान्य कारोबारी दिन जैसी गतिविधि देखने को नहीं मिलेगी। IBJA द्वारा भी आज नए रेट जारी नहीं किए जाएंगे।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार लगातार सक्रिय है और वहां होने वाली गतिविधियों का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजार पर दिखाई दे सकता है।
इंटरनेशनल मार्केट में सोना और चांदी कितने पर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 0.3 प्रतिशत बढ़कर 4,190.16 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61.38 डॉलर प्रति औंस पर रही।
प्लेटिनम और पैलेडियम में भी तेजी देखने को मिली, जबकि डॉलर स्पॉट इंडेक्स में करीब 0.1 प्रतिशत की कमजोरी रही।
ब्याज दरों की उम्मीदों से सोने को कैसे मिल रहा सहारा?
सोने की कीमतों पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी नीतियों का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। आमतौर पर बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर सोने पर दबाव देखा जाता है, क्योंकि सोना नियमित ब्याज नहीं देता।
सितंबर में सोने की कीमत में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई थी। अब अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और फेड अधिकारियों के संकेतों से बाजार में तत्काल ब्याज दर बढ़ने की संभावना कम हुई है। उपलब्ध बाजार आकलन के मुताबिक अक्टूबर में दर बढ़ने की संभावना 70 प्रतिशत से घटकर करीब 26 प्रतिशत रह गई।
दिवाली तक ₹1.80 लाख का स्तर संभव?
केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया के अनुसार सोना दिवाली या 2026 के अंत तक 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है। यह एक बाजार अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। वास्तविक कीमतें अंतरराष्ट्रीय गोल्ड रेट, डॉलर, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक घटनाओं और घरेलू मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करेंगी।
मिडिल ईस्ट तनाव भी बढ़ा सकता है बाजार का उतार-चढ़ाव
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी मजबूती आई है। क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा सकती है। ऐसे माहौल में निवेशकों का रुझान पारंपरिक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ सकता है, जिससे सोने की कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
निष्कर्ष
2 अक्टूबर को घरेलू बाजार बंद होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Gold Silver Price में हलचल जारी है। ब्याज दरों की उम्मीद, बॉन्ड यील्ड, डॉलर और मिडिल ईस्ट की स्थिति आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक रहेंगे। अजय केडिया का ₹1.80 लाख का अनुमान बाजार के संभावित परिदृश्य को दर्शाता है, लेकिन वास्तविक कीमत अलग हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और विशेषज्ञ के बताए अनुमान पर आधारित है। सोने-चांदी की कीमतें लगातार बदल सकती हैं। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने स्तर पर जानकारी की पुष्टि करें।

