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IRDAI Insurance Reforms: जीवन बीमा पॉलिसी पर बढ़ सकता है रिटर्न, जानें नए प्रस्ताव से कितना मिलेगा फायदा
जीवन बीमा की पारंपरिक सेविंग्स पॉलिसियों में पैसा लगाने वाले ग्राहकों के लिए प्रस्तावित IRDAI Insurance Reforms महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। नए डिस्ट्रीब्यूशन नियमों के तहत बीमा कंपनियों के खर्च और कमीशन पर नियंत्रण बढ़ाने की योजना है। इसका उद्देश्य लागत कम करके पॉलिसीधारकों को बेहतर मैच्योरिटी लाभ और रिटर्न उपलब्ध कराना है।
IRDAI क्यों बदलना चाहता है डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम?
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण यानी IRDAI ने बीमा कंपनियों के Management Expenses (EoM), एजेंट कमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन लागत को लेकर नए प्रस्ताव पेश किए हैं। नियामक का मानना है कि अगर बीमा कंपनियों के खर्च नियंत्रित होते हैं, तो सेविंग्स इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में ग्राहकों को मिलने वाला लाभ बेहतर किया जा सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार EoM सीमा को चरणबद्ध तरीके से कम करने की योजना है। FY29 तक इसे 15 प्रतिशत और FY32 तक 12.5 प्रतिशत तक लाने का प्रस्ताव है। इससे कंपनियों के खर्चों पर नियंत्रण बढ़ सकता है।
पारंपरिक जीवन बीमा में कितना बढ़ सकता है रिटर्न?
वर्तमान में पारंपरिक सेविंग्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों का औसत IRR करीब 5 से 6 प्रतिशत बताया जाता है। प्रस्तावित सुधारों के बाद कुछ पॉलिसियों में IRR 0.5 से 1 प्रतिशत तक बेहतर होने का अनुमान है।
उदाहरण के तौर पर 35 साल की उम्र में कोई व्यक्ति ₹1 लाख का सालाना प्रीमियम 5 वर्षों तक जमा करता है और पॉलिसी की अवधि 10 वर्ष है, तो अनुमानित मैच्योरिटी राशि ₹6.5 लाख से बढ़कर लगभग ₹7.1 लाख हो सकती है। इसी तरह 10 साल की प्रीमियम भुगतान अवधि और 20 साल की पॉलिसी में राशि करीब ₹22.25 लाख से बढ़कर ₹24.5 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।
एजेंट कमीशन पर भी प्रस्तावित बदलाव
IRDAI ने प्रीमियम भुगतान अवधि के आधार पर पहले साल के कमीशन की अलग-अलग सीमाएं प्रस्तावित की हैं। 5 साल से कम की PPT वाली पॉलिसियों में डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज के लिए 5 प्रतिशत और एजेंटों के लिए 6.25 प्रतिशत की सीमा प्रस्तावित है। 5 साल की PPT पर ये सीमाएं क्रमशः 10 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत हो सकती हैं।
6 से 8 साल की PPT के लिए डिस्ट्रीब्यूशन एंटिटीज और एजेंटों के लिए प्रस्तावित सीमा 14 प्रतिशत और 17.5 प्रतिशत है। 9 साल की अवधि में यह 18 प्रतिशत और 22.5 प्रतिशत तथा 10 साल या उससे अधिक की PPT पर 20 प्रतिशत और 25 प्रतिशत तक हो सकती है।
ग्राहकों के लिए क्या बदल सकता है?
इन प्रस्तावों का संभावित उद्देश्य बीमा उत्पादों की लागत संरचना को अधिक पारदर्शी बनाना और पॉलिसीधारकों को बेहतर वैल्यू देना है। हालांकि, अभी ये नियम अंतिम रूप से लागू नहीं हुए हैं। कंसल्टेशन पेपर पर इंडस्ट्री से प्राप्त सुझावों के आधार पर अंतिम प्रावधानों और दरों में बदलाव संभव है।
Disclaimer
यह जानकारी दिए गए डेटा और प्रस्तावित IRDAI नियमों पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न, मैच्योरिटी राशि और पॉलिसी लाभ बीमा कंपनी, उत्पाद की शर्तों, प्रीमियम, अवधि और लागू अंतिम नियमों पर निर्भर करेंगे। निवेश या बीमा संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक दस्तावेजों और योग्य वित्तीय सलाहकार से जानकारी प्राप्त करें।

